Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बिना किसी लकà¥à¤·à¤£ के खराब हो सकते हैं फेफड़े, घर पर इस तरह से कर सकते हैं अपने लंगà¥à¤¸ की जांच
फेफड़ों की दिकà¥à¤•त से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ वॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग साइन को समय से पहचान लिठजाà¤à¤‚ तो बड़े खतरे को टाला जा सकता है। पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤—वान मंतà¥à¤°à¥€ से जानिठकैसे फेफड़ों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें।
Lung Care: बिना किसी लकà¥à¤·à¤£ के खराब हो सकते हैं फेफड़े, घर पर इस तरह से कर सकते हैं अपने लंगà¥à¤¸ की जांच
सांस रोक कर अपने फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाà¤à¤‚
जीवित रहने के लिठऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ आवशà¥à¤¯à¤• है। शरीर के सà¤à¥€ अंगों को नियमित रूप से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ की जाती है। तà¤à¥€ पूरा शरीर ठीक से काम कर सकता है। यह काम दिल और फेफड़े दोनों मिलकर करते हैं। लेकिन अगर इन दोनों में से à¤à¤• à¤à¥€ फेल हो जाठतो यह शरीर पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। फेफड़ों की बीमारी à¤à¤• दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• बीमारी है। किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के लोग इस बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। अब à¤à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में हर साल लाखों लोग फेफड़ों की बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। आइठदिलà¥à¤²à¥€ के मूलचंद हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ विà¤à¤¾à¤— के डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤—वान मंतà¥à¤°à¥€ से जानते हैं कि फेफड़ों को कैसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखें-
फेफड़ों में कौन सा रोग होता है?
पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤—वान मंतà¥à¤°à¥€ ने जनसतà¥à¤¤à¤¾ डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि फेफड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– बीमारियों में टीबी, असà¥à¤¥à¤®à¤¾, सीओपीडी, निमोनिया और फेफड़ों का कैंसर शामिल हैं। जो वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ जैसे कारकों के कारण होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि आपके फेफड़े सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं या नहीं।
फेफड़े का परीकà¥à¤·à¤£ कैसे करें?
घर पर à¤à¥€ फेफड़े का परीकà¥à¤·à¤£ किया जा सकता है। à¤à¤¸à¤¾ करने के कà¥à¤› आसान तरीके हैं, जो आपके फेफड़ों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के बारे में जानने में आपकी मदद कर सकते हैं।
सांस रोककर रखने का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
फेफड़ों की जांच के लिठबà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की जा सकती है। इसमें सांस को मà¥à¤‚ह में रोककर रखना होता है। यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कम से कम छह महीने तक करें। यदि आप सांस लेने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के दौरान अपनी सांस को 25 से 30 सेकंड तक रोक सकते हैं, तो आपके फेफड़े सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं।
फेफड़ों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के परीकà¥à¤·à¤£ के लिठपीईà¤à¤«à¤†à¤° परीकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। इसके तीन रंग हरे, पीले और लाल हैं। इन तीन रंगों से आप फेफड़ों की मौजूदा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगा सकते हैं। हरा, पीला और लाल। अगर मीटर फूंकने के बाद हरे रंग तक पहà¥à¤‚च जाता है, तो आपके फेफड़े अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हैं। यदि पीला रंग आ जाता है, तो थोड़ा सà¥à¤§à¤¾à¤° करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, और लाल रंग की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को खराब माना जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° फेफड़ों की जांच कैसे करते हैं?
डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤—वान के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• फेफड़ों की जांच के लिठà¤à¤•à¥à¤¸-रे, सीटी सà¥à¤•ैन, बà¥à¤°à¥‹à¤‚कोसà¥à¤•ोपी, फेफड़े की बायोपà¥à¤¸à¥€ और पॉलीसोमà¥à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ की जाती है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, हाल के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में, फेफड़ों के कैंसर होने के उचà¥à¤š जोखिम वाले लोगों में कम खà¥à¤°à¤¾à¤• वाले कैट सà¥à¤•ैन या सीटी सà¥à¤•ैन (à¤à¤²à¤¡à¥€à¤¸à¥€à¤Ÿà¥€) के रूप में जाना जाने वाला à¤à¤• परीकà¥à¤·à¤£ किया गया है। à¤à¤²à¤¡à¥€à¤¸à¥€à¤Ÿà¥€ सà¥à¤•ैन फेफड़ों में असामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को खोजने में मदद कर सकता है जहां कैंसर हो सकता है।
सीने में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ दरà¥à¤¦
à¤à¤• महीने या उससे अधिक समय से खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾
सांस लेने में कठिनाई
खूनी खांसी
अचानक वजन कम होना
अपने फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कैसे रखें
अपने फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। à¤à¤¸à¥‡ में बीमारियों से बचाव के लिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें, घर के अंदर और बाहर पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से बचें, योग और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें, विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना खाà¤à¤‚, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी पिà¤à¤‚। ताकि आपके फेफड़ों की सेहत अचà¥à¤›à¥€ बनी रहे।
| --------------------------- | --------------------------- |